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Tuesday, July 25, 2017

श्वेता की हत्या उसी के घर में 5 सितम्बर 2016 को कर दी गई थी, पुलिस ने इसे ख़ुदकुशी का मामला बताते हुए केस को बंद कर दिया, कोई FIR और यहाँ तक कि पंचनामा भी नहीं लिया गया।

 

लेकिन जब परिवार के सदस्यों ने इसकी तहकीकात खुद से की तो बहुत सी चौकाने वाली बातें सामने आई। श्वेता को मारने में सीधे सीधे उसके boyfriend का हाथ नज़र आ रहा था पर sub इंस्पेक्टर बिरेंदर सिंह यादव ने जानबूझ कर सभी सबूतों को मिटा दिया और राहुल को फरार कराने में मदद की।
आज राहुल फरार है और खुले में कही घूम रहा है और बिरेंदर जैसे भ्रष्ट अफसर अपना मौत का धंधा धरल्ले से चला रहे हैं।

 

परिवार के सदस्यों ने आखिर में अदालत जाने का फैसला किया है। 27 नवम्बर को सुनवाई है, देखते है कि क्या एक मासूम को इन्साफ मिलेगा या ऐसे दरिन्दे समाज में खुले घूमते रहेंगे।

 

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